Saturday, 18 November 2017

October PIB


1.

भारतनेट के दूसरे चरण की शुरूआत, राज्यों के साथ समझौता और नेटवर्क के उपयोग पर राष्ट्रीय सम्मेलन
  • भारतनेट के पहले चरण में 1 लाख ग्राम पंचायतों में ऑप्टिकल फाइबर कनेक्टीविटी उपलब्ध कराई गई, दूरसंचार विभाग ने इन स्थानों पर ब्राडबैंड आधारित नागरिक सेवाएं प्रदान करने के बारे में चर्चा शुरू की
  • राज्यों के साथ समझौता पत्रों पर हस्ताक्षर और नेटवर्क के उपयोग पर 13 नवंबर 2017 को नई दिल्ली में राष्ट्रीय सम्मेलन, राज्य और सेवा प्रदाता भी शामिल होंगे

  • एयरटेल, रिलायंस जिओ, वोडापोन और आइडिया जैसी दूरसंचार कंपनियों ने भारतनेट ढांचे में सहयोग के प्रति रुचि दिखाई
  • भारतनेट के दूसरे चरण को लागू करने करने के लिए राज्यों के साथ समझौता पत्रों पर हस्ताक्षर होंगे
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दूरसंचार विभाग सोमवार (13 नवंबर 2017) को भारतनेट ढांचे से लाभ उठाने और इसके विविध आयामों के बारे में चर्चा के लिए राज्य सरकारों और सेवा प्रदाताओं के साथ मिलकर एक राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन कर रहा है। इस सम्मेलन में राज्यों के सूचना प्रोद्योगिकी मंत्री और सूचना प्रोद्योगिकी सचिव भाग लेंगे।
भारतनेट के पहले चरण में देशभर की एक लाख ग्राम पंचायतों में ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क पर ब्राडबैंड ढांचा उपलब्ध कराया गया है। राज्य सरकारें भारतनेट ढांचे से लाभ उठाने के बारे में अपनी योजनाओं को साझा करेंगी। दूरसंचार विभाग भारतनेट से मिलने वाली सेवाओं के बारे में कई जानकारियां देगा ताकि नेटवर्क से अधिक से अधिक लाभ उठाया जा सके। दूरसंचार विभाग के सहयोगी दूरसंचार सेवा प्रदाताओं ने ग्रामीण इलाकों में भारतनेट ढांचे से जुड़ी सेवाओं के बारे में जानकारी देने के लिए केंद्र शुरू करने की पहल की है। सम्मेलन में ये प्रदाता अपने अनुभवों को साझा करेंगे।
दूरसंचार विभाग ने पहले चरण के तहत काम को पूरा करने के लिए पिछले 6 माह में तेजी दिखाई है। भारतनेट के पहले चरण में देश के कई राज्यों की 1 लाख से अधिक ग्राम पंचायतों में ऑप्टिकल फाइबर कनेक्टीविटी उपलब्ध कराई गई है। दिसंबर 2017 तक सभी एक लाख ग्राम पंचायतों में भारतनेट ढांचा काम करना शुरू कर देगा। वर्तमान में 90 हजार से अधिक पंचायतों में कार्य हो चुका है और 80 हजार ग्राम पंचायतों में भी सेवाएं जल्द शुरू होंगी।
सम्मेलन में दूरसंचार विभाग भारतनेट के दूसरे चरण को लागू करने के लिए राज्यों के साथ समझौता पत्र पर हस्ताक्षर करेगा।


2.
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय 16 से 20 नवंबर, 2017 के दौरान बाल अधिकार सप्ताह मनाने के लिए अन्तर्र बाल देखभाल संस्थान पर्व “हौसला 2017” का आयोजन करेगा
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय 16 से 20 नवंबर, 2017 तक बाल अधिकार सप्ताह (हौसला 2017) का मनाएगा। देश 14 नवंबर को बाल दिवस के रूप में मनाता है और प्रत्येक वर्ष अन्तर्राष्ट्रीय बाल अधिकार दिवस 20 नवंबर को मनाया जाता है। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा बाल अधिकार सप्ताह का आयोजन, इन दो महत्वपूर्ण कार्यक्रमों के बीच की अवधि पर, बाल देखभाल संस्थानों (सीसीआई) में रह रहे बच्चों के लिए अन्तर्र बाल देखभाल संस्थान पर्व के आयोजन की मेजबानी से होगा।
यह पर्व “हौसला 2017” देश के विभिन्न बाल देखभाल संस्थाओं के बच्चों द्वारा प्रतिभा को देखाने और उन्हें  अपने सपने और अरमानों दर्शने का अवसर प्रदान करेगा। बच्चों द्वारा विभिन्न कार्यक्रमों जैसे बाल संसद चित्रकला प्रतियोगिता, एथलेटिक मीट , फुटबाल, शतंरज प्रतियोगिता और वाक लेखन में भाग लिया जाएगा इस अवसर पर निम्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगाः
1- 16 नवंबर को बाल संसदः राष्ट्रीय बाल नीति 2013 और किशोर न्याय (बाल देखभाल और संरक्षण) अधिनियम 2015 उन विषयों पर बाल प्रतिभागिता को दर्शाता है जो उन्हें प्रभावित करते हैं। बच्चों को अपने विचार दर्शाने का और विभिन्न स्तरों पर संबंधित विषयों पर निर्णय लेने का अधिकार है वे आज के नागरिक है और आज एवं भविष्य में अग्रणी तौर पर कार्य  कर सकते है। इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए बाल संसद का आयोजन किया जाएगा। जिसमें सभी राज्यों/केन्द्र शासित प्रदेशों के बाल देखभाल संस्थानों के बच्चे प्रतिभागी होगें। इस कार्यक्रम में सभी राज्यों/केन्द्र शासित प्रदेशों से 14 से 18 आयु वर्ग के कुल 36 बच्चे भाग लेगें। 15 सितंबर 2017 की दोपहर को बच्चों की आवश्यकताओं ओर अधिकारों पर एनआईपीसीसीडी में अनुकूलन कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। बच्चों को उन्हें प्रभावित करने वाले विषयों से संबंधित अधिकारों को जानने के और सुझाव देने के लिए तैयार किया जाएगा। इस बाल संसद का आयोजन 16 नवंबर 2017 को दिल्ली के सीएसओआई में किया जाएगा।
बच्चों द्वारा किये गये विचार-विमर्श और सुझावों के सारांश को बाद में संबंधित मंत्रालय और भारत सरकार के विभागों को भेजा जा सकता है।
2- 16 नंवबर 2017 को चित्रकला प्रतियोगिताः बच्चे आमतौर पर स्वंय को व्यक्त करने के लिए विभिन्न तरीकों का इस्तेमाल करते हैं। चित्रकला और चित्रकारी दो सशक्त उपकरण हैं जो बच्चों के संचार कौशल को बढ़ाने के लिए प्रयोग किया जाता है। 17 नवंबर,2017 को महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा इसी  पृष्ठ भूमि पर चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन पूरे देश के बाल देखभाल के संस्थानों के 36 चुने हुए बच्चों के लिए सीएसओआई में किया जाएगा। बच्चो द्वारा बनाई गई चित्रकलाओं का चयन तीन न्यायधीशो के पैनल द्वारा किया जाएगा।
3- 19-20 नवंबर, 2017 को एथलेटिक्स मीट, शतंरज प्रतियोगिता और फुटबाल मैचः इस अवसर मंत्रालय द्वारा एथलेटिक्स मीट का आयोजन (100 मीटर दौड़,100*4 मीटर रीले दौड़, लम्बी कूद, ऊंची कूद), शतरंज प्रतियोगिता और सीसीआई के बालक एवं बालिकाओं के फुटबाल  मैच का आयोजन दिल्ली के त्यागराज स्टेडियम में किया जा रहा है।
बच्चों को प्रोतसाहित करने के लिए 20 नवंबर 2017 को होने वाले पुरस्कार वितरण समारोह में श्री वीरेंद्र सहवाग (क्रिकेटर), श्री गौतम गंभीर (क्रिकेटर), और सुश्री मिथली राज (क्रिकेटर), को आमंत्रित किया गया है।
4- वाक लेखनः सभी राज्यों/केन्द्र शासित प्रदेशो से अनुरोध किया गया है कि वे सीसीआई के बच्चों के लिए वाक लेखन प्रतियोगिताओं का आयोजन करे। पहले तीन लेखनों को मंत्रालय में भेजा जाएगा और लेखनों का संकलन यूनीसेफ के सहयोग से, मंत्रालय द्वारा एक पुस्तिका के रूप में प्रकाशित किया जाएगा। 20 नवंबर 2017 को समापन समारोह के दौरान पुस्तिका का विमोचन किया जाएगा।
5- 20 नवंबर 2017 को समापन समारोहः बाल अधिकारों का सप्ताह भर के जश्न का समापन समारोह के माध्यम से 20 नवंबर की शाम को प्रवासी भारतीय केंद्र, चाणक्यपुरी नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा।
सड़क के बच्चों की समाचार पत्रिका ‘बालकनामा के पत्रकार इस पूरे कार्यक्रम की कवरेज़ करेगें और इसे इस पत्रिका में मंत्रालय की स्वीकृति के साथ प्रकाशित करेगें।

3.
मंत्रिमंडल ने राष्‍ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की स्‍थापना को मंजूरी दी
प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्‍यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने उच्‍चतर शिक्षा संस्‍थाओं के लिए प्रवेश परीक्षाएं आयोजित करने के लिए सोसायटी अधिनियम, 1860 के अन्‍तर्गत सोसायटी के रूप में एक स्‍वायत्‍त और आत्‍मनिर्भर शीर्ष परीक्षा संगठन, राष्‍ट्रीय परीक्षा एजेंसी की स्‍थपना को मंजूरी प्रदान कर दी है।

मुख्‍य बातें:
  • एनटीए आरंभ में उन प्रवेश पीरक्षाओं को संचालित करेगी जो इस समय सीबीएसई द्वारा संचालित किए जा रहे हैं।
  • अन्‍य पीरक्षाएं धीरे-धीरे तब शुरू की जाएगी जब एनटीए पूर्णत: तैयार हो जाएगी।
  • यह वर्ष में कम से कम दो बार ऑनलाइन पद्धति में परीक्षाएं संचालित करेगी और इस प्रकार विद्यार्थी को उसके सर्वोत्‍कृष्‍ट प्रदर्शन के लिए पर्याप्‍त अवसर प्रदान करेगी।
  • ग्रामीण छात्रों की आवश्‍यकताओं की पूर्ति के लिए यह उप-जिला/जिला स्‍तर पर केंद्रों को स्‍थापित करेगी और जहां तक संभव हो विद्यार्थियों को व्‍यावहारिक प्रशिक्षण देगी।

गठन:

  • एनटीए की अध्‍यक्षता एक प्रख्‍यात शिक्षाविद् द्वारा की जाएगी जिसकी नियुक्ति मानव संसाधन विकास मंत्रालय करेगी।
  • सीईओ, महानिदेशक होंगे जिनकी नियुक्‍ति सरकार करेगी।
  • एक शासक मंडल होगा जिसमें सदस्‍य प्रयोक्‍ता संस्‍थाओं में से होंगे।
  • महानिदेशक की सहायता के लिए शिक्षाविदों/विशेषज्ञों की अगुवाई में 9 वर्टिकल होंगे।

वित्‍तपोषण:

एनटीए को प्रथम वर्ष में भारत सरकार द्वारा 25 करोड़ रुपए का एकबारगी अनुदान दिया जाएगा। तत्‍पश्‍चात, एनटीए अपने संचालन के लिए आत्‍मनिर्भर होगी।

प्रभाव:

एनटीए की स्‍थापना से विभिन्‍न प्रवेश परीक्षाओं में भाग ले रहे लगभग 40 लाख छात्रों को लाभ होगा। इसकी स्‍थापना से सीबीएसई, एआईसीटीई तथा अन्‍य एजेंसियां इन प्रवेश पीरक्षाओं को आयोजित करने की जिम्‍मेदारी से मुक्‍त हो जाएंगी। एनटीए की स्‍थापना छात्राओं की योग्‍यता, बुद्धिमत्‍ता तथा समस्‍या निवारण क्षमता का आंकलन करने के लिए उच्‍च विश्‍वसनीयता एवं मानकीकृत कठिनाई का हल करेगी।

पृष्‍ठभूमि

जैसा की विश्‍व के अधिकांश उन्‍नत देशों में होता है, भारत में इन प्रवेश परीक्षाओं को आयोजित करने के लिए कोई विशेषीकृत निकाय नहीं है, इस बात को ध्‍यान में रखकर माननीय वित्‍त मंत्री ने वर्ष 2017-18 के अपने बजट भाषण में उच्‍च शैक्षिक संस्‍थाओं में दाखिले के लिए सभी प्रवेश पीरक्षाओं को आयोजित करने हेतु एक स्‍वायत्‍त तथा आत्‍मनिर्भर शीर्ष परीक्षा संगठन के रूप में राष्‍ट्रीय परीक्षा एजेसी (एनटीए) की स्‍थापना की घोषणा की थी।

4.
राष्‍ट्रीय उद्यमिता पुरस्‍कार 2017 के अंतर्गत परामर्श श्रेणी (सरकार) पुरस्‍कार डीबीटी की वरिष्‍ठ सलाहकार डॉ रेणु स्‍वरूप को दिया गया
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के जैव प्रौद्योगिकी विभाग की वरिष्‍ठ  सलाहकार डॉ रेणु स्‍वरूप को राष्‍ट्रीय उद्यमिता पुरस्‍कार 2017 के अंतर्गत परामर्श श्रेणी (सरकार) पुरस्‍कार से सम्‍मानित किया गया। वित्‍त मंत्री श्री अरूण जेटली ने नई दिल्‍ली में आयोजित राष्‍ट्रीय उद्यमिता राष्‍ट्रीय पुरस्‍कार समारोह 2017 में यह पुरस्‍कार प्रदान किया।
डॉ रेणु स्‍वरूप विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के जैव-प्रौद्योगिकी विभाग में वरिष्‍ठ सलाहकार हैं। उनके पास सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी जैव-प्रौद्योगिकी उद्योग शोध सहायता परिषद (बीआईआरएसी) के प्रबंधक निदेशक का अतिरिक्‍त प्रभार है।
     
डॉ रेणु स्‍वरूप ने अनुवांशिकी विज्ञान और पौधा-प्रजनन में पीएचडी की उपाधि हासिल की है। उन्‍होंने पीएचडी के बाद का अध्‍ययन राष्‍ट्रमंडल छात्रवृत्ति के तहत इंग्‍लैड के नॉरविक स्थित द जॉन इन्‍स सेंटर से पूरा किया। इसके पश्‍चात वे भारत लौटी और 1989 में विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के जैव प्रौद्योगिक विभाग में विज्ञान प्रबंधक का पदभार ग्रहण किया। विज्ञान प्रबंधक के रूप में इनकी जिम्‍मेदारी नीति निर्माण तथा कार्यान्‍वयन करना था। उन्‍होंने वर्ष 2001 के जैव प्रौद्योगिकी विजन तथा वर्ष 2007 के राष्‍ट्रीय जैव प्रौद्यागिकी विकास में सक्रिय रूप से भाग लिया। वे 2015-20 के विशेषज्ञ समिति की सदस्‍य सचिव हैं।
डॉ रेणु स्‍वरूप के पास सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी जैव प्रौद्योगिकी उद्योग शोध सहायता परिषद (बीआईआरएसी) के प्रबंधक निदेशक का अतिरिक्‍त प्रभार है। इस कंपनी का उद्देश्‍य नवोन्‍मेषी और लघु एवं मध्‍यम कंपनियों का पोषण करना तथा इनके लिए शोध को बढ़ावा देना है। इन्‍होंने 1000 से अधिक नवोन्‍मेषी कंपनियों और उद्यमियों एवं नये शोध तथा उत्‍पाद विकास के लिए 500 छोटी कंपनियों का समर्थन किया है।
वे नेशनल एकेडमी ऑफ साईंसेज इंडिया (एनएएसआई) की सदस्‍य हैं। वे कई राष्‍ट्रीय संस्‍थानोंविश्‍वविद्यालयों और केंद्रों की प्रशासनिक निकायों की सदस्‍य भी हैं। उन्‍हें 2012 में बॉयो स्‍पेक्‍ट्रम पर्सन ऑफ द ईयर अवार्ड’ से भी सम्‍मानित किया गया है।  

5.
कारगिल (जम्‍मू एवं कश्‍मीर) के बियारस द्रास स्थित 1.5 मेगावॉट का छोटा पनबिजली संयंत्र प्रधानमंत्री लद्दाख नवीकरणीय ऊर्जा पहल के अंतर्गत कमीशन होने वाली पहली परियोजना बनी

यह ऊर्जा संयंत्र लगभग 1000 परिवारों की ऊर्जा-जरूरत को पूरा करेगा
जम्‍मू कश्‍मीर के कारगिल के बियारस द्रास स्थि‍त 1.5 मेगावॉट क्षमता वाले बियारस स्‍मॉल पावर प्रोजेक्‍ट (एसएचपी) का कमीशन 4 नवंबर, 2017 को किया गया। परियोजना की पूर्ण लागत 17 करोड़ रूपये है जिसे शत-प्रतिशत नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा उपलब्‍ध कराया गया है। प्रधानमंत्री लद्दाख नवीकरणीय ऊर्जा पहल (एलआरईआई) के तहत कमीशन होने वाली यह पहली परियोजना है।
यह संयंत्र, कारगिल के द्रास शहर में ऊर्जा आपूर्ति करेगा। द्रास शहर भारत के सबसे ठंडे स्‍थानों में से एक है। बियारस एसएचपी से 1000 परिवारों की ऊर्जा आवश्‍यकता पूरी होगी। अत्‍याधिक ठंड के मौसम में इन परिवारों को ऊर्जा आपूर्ति से आराम मिलेगा। लद्दाख स्‍वायत्‍त पहाड़ विकास परिषद के अंतर्गत कारगिल नवीकरणीय ऊर्जा विकास एजेंसी (केआरईडीए) ने इस परियोजना को विकसित किया है।

6.
उपलब्धि: वायु सेना के खिलाड़ी सर्जेंट शाहजार रिजवी और सर्जेंट दीपक कुमार
सार्जेंट शहज़र रिजवी ने हाल ही में ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में आयोजित राष्ट्रमंडल निशानेबाजी चैंपियनशिप में 10 मीटर पिस्टल श्रेणी में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीता है। सार्जेंट दीपक कुमार ने इसी चैंम्पियनशिप में 10 मीटर एयर राइफल श्रेणी में कांस्य पदक हासिल किया। दोनों ही बेहतरीन खिलाड़ी हैं और उन्होंने अपने कैरियर में लगातार अच्छे प्रदर्शन किए हैं। सर्जेंट रिजवी ने 2014 और 2015 में वरिष्ठ राष्ट्रीय शूटिंग चैंपियनशिप में क्रमश: स्वर्ण और रजत पदक भी जीते थे।

7.
प्रधानमंत्री ने चेन्नई को यूनेस्को के रचनात्मक शहरों के नेटवर्क में शामिल होने पर बधाई दी
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने चेन्नई को यूनेस्को के रचनात्मक शहरों के नेटवर्क में शामिल होने पर चेन्नई के लोगों को बधाई दी है।

प्रधानमंत्री ने कहा, "चेन्नई के लोगों को यूनेस्को क्रिएटिव सिटीज नेटवर्क में अपनी समृद्ध संगीत परंपरा के लिए शामिल किए जाने पर बधाई। हमारी समृद्ध संस्कृति में चेन्नई का योगदान अनमोल है। यह भारत के लिए गर्व का क्षण है।"

8.
श्री राधा मोहन 9 से 11 नवंबर तक चलने वाले जैविक कृषि विश्व कुंभ 2017 का उद्घाटन करेंगे 
विश्व के 110 देशों के 1400 प्रतिनिधि और 2000 भारतीय प्रतिनिधि  जैविक कृषि विश्व कुंभ 2017 में शामिल होंगे
 (Curtain Raiser)
केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री, श्री राधा मोहन सिंह ग्रेटर नोएडा में 9 से 11 तक चलने वाले जैविक कृषि विश्व कुंभ 2017 का उद्घाटन करेंगे। यह आयोजन ग्रेटर नोयडा के इंडिया एक्सपो सेंटर में हो रहा है। इस आयोजन में विश्व के 110 देशों के 1400 प्रतिनिधि और 2000 भारतीय प्रतिनिधि शामिल होंगे। कृषि विश्व कुंभ का आयोजन तीन साल में एक बार दुनिया के किसी देश में होता है। इस बार यह भारत में हो रहा है। पिछला कुंभ 2014 में इस्तांबुल में हुआ था। आयोजन को इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ ऑर्गेनिक फार्मिंग मूवमेंट्स (आईफोम) और ओएफआई मिलकर कर रहा है। इस आयोजन में भारत के 15 राज्यों से 55 बीज समूहों द्वार 4000 प्रकार के बीजों की प्रदर्शनी का आयोजन करेंगे।
इस वर्ष कुंभ का लक्ष्य जैविक भारत से जैविक विश्व की ओर बढना है। श्री राधा मोहन सिंह का मानना  है कि यह जानने समझने की जरूरत है कि भारत परंपरागत रूप से दुनिया का सबसे बड़ा जैविक कृषि करने वाला देश है । यहां तक कि आज के वर्तमान भारत के बहुत बड़े भू-भाग मे परंपरागत ज्ञान के आधार पर जैविक खेती की जाती है ।
आर्गेनिक वर्ल्ड कांग्रेस का एक मुख्याकर्षण पीढ़ियों से संरक्षित स्वदेशी बीजों के किस्मों की प्रदर्शनी है। इस उदघाटन समारोह में भूटान के कृषि मंत्री येशी दोरजी, केन्द्रीय वाणिज्य मंत्री सुरेश प्रभू,सिक्किम के मुख्य मंत्री पवन कुमार चामलिंग, केन्द्रीय कृषि राज्य मंत्री कृष्णा राज, हरियाणा के कृषि मंत्री ओम प्रकाश धनकड़, उड़ीसा के कृषि मंत्री दामोदर राउत, केरल के कृषि मंत्री वीएस सुनील के अलावा दुनिया भर के जैविक कृषि के किसान, वैज्ञानिक और व्यापारी भाग लेंगे।

9.
सीजेडटी के एस्ट्रोसैट ने क्रेब पुच्छल तारे की एक्सरे ध्रुवीकरण के प्रथम चरण को मापा

भारत की बुह तरंगदैर्ध्य अंतरिक्ष दूरबीन, एस्ट्रोसैट ने  एक्सरे ध्रुवीकरण  को मापने का अति कठिन कार्य सफलता पूर्वक  पूरा कर लिया है।  नेचर एस्ट्रोनोमी शीर्षक अखबार में प्रकाशित जानकारी के अनुसार कार्यदल ने उनके 18 माह के वृषभ नक्षत्र में क्रैब पुच्छल तारे के अध्ययन का आलेख प्रस्तुत किया है। और एक्सरे ध्रुवीकरण की विविधताओं को मापा है। यह अत्याधिक सम्मोहक (मैगनेटाइज़ड) वस्तु प्रत्येक एक सैकण्ड में 30 बार चक्कर लगाती है। इस ऐतिहासिक मापन ने पुच्छल तारे द्वारा उत्सर्जित उच्च ऊर्जा किरणों की प्रचलित धारणाओं के लिए मजबूत चुनौती रखी है।

10. 
डीआरडीओ ने 'निर्भय' सब-सोनिक क्रूज मिसाइल का सफल परीक्षण किया 
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने आज 'निर्भय' का सफल उड़ान परीक्षण कर एक और प्रशंसनीय कार्य किया। यह भारत में निर्मित पहली स्वदेशी डिजाइन वाली लंबी रेंज की सब-सोनिक क्रूज मिसाइल है, जिसे कई प्लेटफार्मों से तैनात किया जा सकता है। यह एकीकृत परीक्षण रेंज (आईटीआर), चांदीपुर, ओडिशा से सफलतापूर्वक छोड़ा गया। इस मिसाइल में 100 मीटर तक की कम ऊंचाई पर 0.7 मैक पर लक्ष्‍य को भेदने की क्षमता है। उड़ान परीक्षण में छोड़ने से लेकर अंतिम लक्ष्य तक पूरी तरह से सभी मिशन उद्देश्यों को पूरी तरह से हासिल किया गया और इससे परीक्षण से जुड़े सभी वैज्ञानिकों के आत्‍म विश्वास में वृद्धि हुई।
मिसाइल ने व्‍यवस्थित तरीके से और सभी महत्वपूर्ण संचालन जैसे- लॉन्च चरण, बूस्टर तैनाती, इंजन आरंभ होना, पंख परिनियोजन और अन्य परिचालन मापदंडों के साथ उड़ान भरी जिसे स्‍वचालित मार्ग प्रदर्शन पर देखा गया। मिसाइल का मार्गदर्शन, नियंत्रण और नेविगेशन प्रणाली को जीपीएस प्रणाली के साथ-साथ स्वदेशी डिजाइन किए गए रिंग लेजर ज्यॉस्कोस्कोप (आरएलजी) और एमईएमएस आधारित इन्टिर्यल नेविगेशन सिस्टम (आईएनएस) के आसपास बनाया गया था। मिसाइल ने कुल 50 मिनट की भव्‍य उड़ान में 647 किमी की रेंज को प्राप्त किया। मिसाइल को जमीन पर अवस्थित रडार की मदद से ट्रैक किया गया और डीआरडीओ द्वारा विकसित स्वदेशी टेलीमेट्री स्टेशनों द्वारा अन्य मापदंडों की निगरानी की गई।
रक्षा मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने डीआरडीओ के वैज्ञानिकों की इस सफलता की सराहना की और इस प्रेरणादायक उपलब्धि के लिए उन्हें बधाई दी। उन्‍होंने आशा व्‍यक्‍त की कि यह सफल परीक्षण भारत को इस जटिल तकनीक और सब सोनिक क्रूज मिसाइल क्षमता रखने वाले देशों की श्रेणी में ले जाएगा।
डीआरडीओ के अन्‍य वरिष्‍ठ वैज्ञानिकों और सेना में इस्‍तेमाल करने वाले अन्‍य प्रतिनिधियों सहित डीआरडीओ के अध्यक्ष और रक्षा विभाग (आर एंड डी) के सचिव डॉ. एस क्रिस्टोफर, डीजी (एरो) डॉ. सीपी रामनारायणन, निदेशक एडीई, आरसीआई, आईटीआर और सीएमआईएलएसी ने इस यादगार प्रक्षेपण को देखा और लंबे समय से प्रतीक्षित इस उपलब्धि के लिए डीआरडीओ को गौर्वान्वित करने के लिए टीम 'निर्भय' को बधाई दी।

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